सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:30–05:18
दिन 06:06–17:05 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:30–05:18 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:14–11:58 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 19:49–21:36 1 घं 47 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:43–17:05 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 11:36–12:58 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 14:21–15:43 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 15:37–16:21 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 09:08–10:55 1 घं 47 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 06:06–07:28
- चल 07:28–08:51
- लाभ 08:51–10:13
- अमृत 10:13–11:36
- काल 11:36–12:58
- शुभ 12:58–14:21
- रोग 14:21–15:43
- उद्वेग 15:43–17:05
रात
- शुभ 17:05–18:43
- अमृत 18:43–20:21
- चल 20:21–21:58
- रोग 21:58–23:36
- काल 23:36–01:14, 4 दिसम्बर
- लाभ 01:14, 4 दिसम्बर–02:51, 4 दिसम्बर
- उद्वेग 02:51, 4 दिसम्बर–04:29, 4 दिसम्बर
- शुभ 04:29, 4 दिसम्बर–06:07, 4 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 दिसम्बर 2023 को कौन सी तिथि है?
3 दिसम्बर 2023 को कृष्ण षष्ठी है, जो 19:27 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
3 दिसम्बर 2023 को नक्षत्र कौन सा है?
आश्लेषा नक्षत्र 21:36 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
3 दिसम्बर 2023 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 15:43 से 17:05 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3 दिसम्बर 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:06 बजे और सूर्यास्त 17:05 बजे है।