सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:14–05:02
दिन 05:50–18:14 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:14–05:02 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:37–12:27 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 13:49–15:28 1 घं 40 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:41–18:14 1 घं 33 मि
- यमगण्ड
- 12:02–13:35 1 घं 33 मि
- गुलिक काल
- 15:08–16:41 1 घं 33 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:35–17:24 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:50–07:23
- चल 07:23–08:56
- लाभ 08:56–10:29
- अमृत 10:29–12:02
- काल 12:02–13:35
- शुभ 13:35–15:08
- रोग 15:08–16:41
- उद्वेग 16:41–18:14
रात
- शुभ 18:14–19:41
- अमृत 19:41–21:08
- चल 21:08–22:34
- रोग 22:34–00:01, 1 अप्रैल
- काल 00:01, 1 अप्रैल–01:28, 1 अप्रैल
- लाभ 01:28, 1 अप्रैल–02:55, 1 अप्रैल
- उद्वेग 02:55, 1 अप्रैल–04:22, 1 अप्रैल
- शुभ 04:22, 1 अप्रैल–05:49, 1 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
31 मार्च 2024 को कौन सी तिथि है?
31 मार्च 2024 को कृष्ण षष्ठी है, जो 21:31 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
31 मार्च 2024 को नक्षत्र कौन सा है?
ज्येष्ठा नक्षत्र 22:56 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
31 मार्च 2024 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 16:41 से 18:14 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
31 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:50 बजे और सूर्यास्त 18:14 बजे है।