पूर्णिमा
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:24–05:12
दिन 06:00–19:00 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:24–05:12 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:04–12:56 52 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 20:24–21:50 1 घं 26 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:37–09:15 1 घं 37 मि
- यमगण्ड
- 10:52–12:30 1 घं 37 मि
- गुलिक काल
- 14:07–15:45 1 घं 37 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:56–13:48 52 मिनट 15:32–16:24 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 11:46–13:12 1 घं 26 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:00–07:37
- काल 07:37–09:15
- शुभ 09:15–10:52
- रोग 10:52–12:30
- उद्वेग 12:30–14:07
- चल 14:07–15:45
- लाभ 15:45–17:22
- अमृत 17:22–19:00
रात
- चल 19:00–20:22
- रोग 20:22–21:45
- काल 21:45–23:07
- लाभ 23:07–00:30, 20 अगस्त
- उद्वेग 00:30, 20 अगस्त–01:53, 20 अगस्त
- शुभ 01:53, 20 अगस्त–03:15, 20 अगस्त
- अमृत 03:15, 20 अगस्त–04:38, 20 अगस्त
- चल 04:38, 20 अगस्त–06:00, 20 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
19 अगस्त 2024 को कौन सी तिथि है?
19 अगस्त 2024 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 23:55 बजे तक रहती है। (जयपुर)
19 अगस्त 2024 को नक्षत्र कौन सा है?
श्रवण नक्षत्र 08:10 बजे तक रहता है। (जयपुर)
19 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 07:37 से 09:15 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
19 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:00 बजे और सूर्यास्त 19:00 बजे है।