एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:49–05:37
दिन 06:25–17:45 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:49–05:37 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 09:34–11:03 1 घं 29 मि 03:15, 12 दिसम्बर–04:43, 12 दिसम्बर 1 घं 28 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:05–13:30 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 07:50–09:15 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 10:40–12:05 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:42–12:28 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 06:11, 12 दिसम्बर–07:40, 12 दिसम्बर 1 घं 28 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:25–07:50
- अमृत 07:50–09:15
- काल 09:15–10:40
- शुभ 10:40–12:05
- रोग 12:05–13:30
- उद्वेग 13:30–14:55
- चल 14:55–16:20
- लाभ 16:20–17:45
रात
- उद्वेग 17:45–19:20
- शुभ 19:20–20:55
- अमृत 20:55–22:30
- चल 22:30–00:05, 12 दिसम्बर
- रोग 00:05, 12 दिसम्बर–01:40, 12 दिसम्बर
- काल 01:40, 12 दिसम्बर–03:15, 12 दिसम्बर
- लाभ 03:15, 12 दिसम्बर–04:50, 12 दिसम्बर
- उद्वेग 04:50, 12 दिसम्बर–06:25, 12 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- मीन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
11 दिसम्बर 2024 को कौन सी तिथि है?
11 दिसम्बर 2024 को शुक्ल एकादशी है, जो 01:09, 12 दिसम्बर बजे तक रहती है। (तिरुपति)
11 दिसम्बर 2024 को नक्षत्र कौन सा है?
रेवती नक्षत्र 11:47 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
11 दिसम्बर 2024 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 12:05 से 13:30 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
11 दिसम्बर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:25 बजे और सूर्यास्त 17:45 बजे है।