अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:39–06:27
दिन 07:15–18:07 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:39–06:27 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:19–13:03 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 17:24–19:02 1 घं 38 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 08:36–09:58 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 11:19–12:41 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 14:02–15:24 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 13:03–13:46 43 मिनट 15:13–15:57 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 07:34–09:12 1 घं 38 मि 22:19–23:57 1 घं 38 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 07:15–08:36
- काल 08:36–09:58
- शुभ 09:58–11:19
- रोग 11:19–12:41
- उद्वेग 12:41–14:02
- चल 14:02–15:24
- लाभ 15:24–16:45
- अमृत 16:45–18:07
रात
- चल 18:07–19:46
- रोग 19:46–21:24
- काल 21:24–23:03
- लाभ 23:03–00:41, 31 दिसम्बर
- उद्वेग 00:41, 31 दिसम्बर–02:20, 31 दिसम्बर
- शुभ 02:20, 31 दिसम्बर–03:58, 31 दिसम्बर
- अमृत 03:58, 31 दिसम्बर–05:37, 31 दिसम्बर
- चल 05:37, 31 दिसम्बर–07:15, 31 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 दिसम्बर 2024 को कौन सी तिथि है?
30 दिसम्बर 2024 को कृष्ण अमावस्या है, जो 03:56, 31 दिसम्बर बजे तक रहती है। (सूरत)
30 दिसम्बर 2024 को नक्षत्र कौन सा है?
मूल नक्षत्र 23:57 बजे तक रहता है। (सूरत)
30 दिसम्बर 2024 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 08:36 से 09:58 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 दिसम्बर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 07:15 बजे और सूर्यास्त 18:07 बजे है।