सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:44–04:32
दिन 05:20–18:48 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:44–04:32 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 08:32–10:02 1 घं 30 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:04–13:45 1 घं 41 मि
- यमगण्ड
- 07:01–08:42 1 घं 41 मि
- गुलिक काल
- 10:23–12:04 1 घं 41 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:37–12:31 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 05:19, 24 जुलाई–06:50, 24 जुलाई 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:20–07:01
- अमृत 07:01–08:42
- काल 08:42–10:23
- शुभ 10:23–12:04
- रोग 12:04–13:45
- उद्वेग 13:45–15:26
- चल 15:26–17:07
- लाभ 17:07–18:48
रात
- उद्वेग 18:48–20:07
- शुभ 20:07–21:26
- अमृत 21:26–22:45
- चल 22:45–00:04, 24 जुलाई
- रोग 00:04, 24 जुलाई–01:23, 24 जुलाई
- काल 01:23, 24 जुलाई–02:42, 24 जुलाई
- लाभ 02:42, 24 जुलाई–04:02, 24 जुलाई
- उद्वेग 04:02, 24 जुलाई–05:21, 24 जुलाई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- मास (अमांत)
- आषाढ़
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- ग्रीष्म
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 जुलाई 2025 को कौन सी तिथि है?
23 जुलाई 2025 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 02:29, 24 जुलाई बजे तक रहती है। (वाराणसी)
23 जुलाई 2025 को नक्षत्र कौन सा है?
आर्द्रा नक्षत्र 17:54 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
23 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 12:04 से 13:45 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:20 बजे और सूर्यास्त 18:48 बजे है।