पूर्णिमा
व्रतपूर्ण चंद्र ग्रहण
21:57–01:26, 8 सितम्बर- स्पर्श
- 21:57
- मध्य
- 23:41
- मोक्ष
- 01:26, 8 सितम्बर
- ग्रहण मान
- 1.362
- खग्रास
- 23:00–00:22, 8 सितम्बर
- सूतक काल
- 12:57–01:26, 8 सितम्बर
सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:56–04:44
दिन 05:32–17:57 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:56–04:44 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:19–12:09 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 14:51–16:22 1 घं 31 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:23–17:57 1 घं 33 मि
- यमगण्ड
- 11:44–13:17 1 घं 33 मि
- गुलिक काल
- 14:50–16:23 1 घं 33 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:17–17:07 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 05:45–07:16 1 घं 31 मि 03:39, 8 सितम्बर–05:08, 8 सितम्बर 1 घं 29 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:32–07:05
- चल 07:05–08:38
- लाभ 08:38–10:11
- अमृत 10:11–11:44
- काल 11:44–13:17
- शुभ 13:17–14:50
- रोग 14:50–16:23
- उद्वेग 16:23–17:57
रात
- शुभ 17:57–19:23
- अमृत 19:23–20:50
- चल 20:50–22:17
- रोग 22:17–23:44
- काल 23:44–01:11, 8 सितम्बर
- लाभ 01:11, 8 सितम्बर–02:38, 8 सितम्बर
- उद्वेग 02:38, 8 सितम्बर–04:05, 8 सितम्बर
- शुभ 04:05, 8 सितम्बर–05:32, 8 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
7 सितम्बर 2025 को कौन सी तिथि है?
7 सितम्बर 2025 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 23:38 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
7 सितम्बर 2025 को नक्षत्र कौन सा है?
शतभिषा नक्षत्र 21:41 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
7 सितम्बर 2025 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 16:23 से 17:57 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
7 सितम्बर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:32 बजे और सूर्यास्त 17:57 बजे है।