सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:59–04:47
दिन 05:35–17:42 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:59–04:47 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:14–12:03 48 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:06–08:51 1 घं 45 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:40–16:11 1 घं 31 मि
- यमगण्ड
- 08:37–10:08 1 घं 31 मि
- गुलिक काल
- 11:38–13:09 1 घं 31 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:00–08:49 48 मिनट 22:27–23:15 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 22:32–00:18, 24 सितम्बर 1 घं 46 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:35–07:06
- उद्वेग 07:06–08:37
- चल 08:37–10:08
- लाभ 10:08–11:38
- अमृत 11:38–13:09
- काल 13:09–14:40
- शुभ 14:40–16:11
- रोग 16:11–17:42
रात
- काल 17:42–19:11
- लाभ 19:11–20:40
- उद्वेग 20:40–22:09
- शुभ 22:09–23:39
- अमृत 23:39–01:08, 24 सितम्बर
- चल 01:08, 24 सितम्बर–02:37, 24 सितम्बर
- रोग 02:37, 24 सितम्बर–04:06, 24 सितम्बर
- काल 04:06, 24 सितम्बर–05:35, 24 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 सितम्बर 2025 को कौन सी तिथि है?
23 सितम्बर 2025 को शुक्ल द्वितीया है, जो 04:52, 24 सितम्बर बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
23 सितम्बर 2025 को नक्षत्र कौन सा है?
हस्त नक्षत्र 13:40 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
23 सितम्बर 2025 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 14:40 से 16:11 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 सितम्बर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:35 बजे और सूर्यास्त 17:42 बजे है।