दुर्गा अष्टमी
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:13–05:01
दिन 05:49–17:46 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:13–05:01 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:24–12:11 48 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 02:56, 1 अक्टूबर–04:40, 1 अक्टूबर 1 घं 43 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:47–16:16 1 घं 30 मि
- यमगण्ड
- 08:48–10:18 1 घं 30 मि
- गुलिक काल
- 11:47–13:17 1 घं 30 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:12–09:00 48 मिनट 22:35–23:23 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 16:37–18:20 1 घं 43 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:49–07:19
- उद्वेग 07:19–08:48
- चल 08:48–10:18
- लाभ 10:18–11:47
- अमृत 11:47–13:17
- काल 13:17–14:47
- शुभ 14:47–16:16
- रोग 16:16–17:46
रात
- काल 17:46–19:16
- लाभ 19:16–20:47
- उद्वेग 20:47–22:17
- शुभ 22:17–23:48
- अमृत 23:48–01:18, 1 अक्टूबर
- चल 01:18, 1 अक्टूबर–02:49, 1 अक्टूबर
- रोग 02:49, 1 अक्टूबर–04:19, 1 अक्टूबर
- काल 04:19, 1 अक्टूबर–05:50, 1 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 सितम्बर 2025 को कौन सी तिथि है?
30 सितम्बर 2025 को शुक्ल अष्टमी है, जो 18:06 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
30 सितम्बर 2025 को नक्षत्र कौन सा है?
मूल नक्षत्र 06:17 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
30 सितम्बर 2025 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 14:47 से 16:16 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 सितम्बर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:49 बजे और सूर्यास्त 17:46 बजे है।