अहोई अष्टमी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:19–05:07
दिन 05:55–17:32 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:19–05:07 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:20–12:07 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:22–08:49 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 10:16–11:44 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 13:11–14:38 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:07–12:53 47 मिनट 14:26–15:13 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:10, 14 अक्टूबर–01:44, 14 अक्टूबर 1 घं 34 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 05:55–07:22
- काल 07:22–08:49
- शुभ 08:49–10:16
- रोग 10:16–11:44
- उद्वेग 11:44–13:11
- चल 13:11–14:38
- लाभ 14:38–16:05
- अमृत 16:05–17:32
रात
- चल 17:32–19:05
- रोग 19:05–20:38
- काल 20:38–22:11
- लाभ 22:11–23:44
- उद्वेग 23:44–01:17, 14 अक्टूबर
- शुभ 01:17, 14 अक्टूबर–02:50, 14 अक्टूबर
- अमृत 02:50, 14 अक्टूबर–04:22, 14 अक्टूबर
- चल 04:22, 14 अक्टूबर–05:55, 14 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 अक्टूबर 2025 को कौन सी तिथि है?
13 अक्टूबर 2025 को कृष्ण सप्तमी है, जो 12:24 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
13 अक्टूबर 2025 को नक्षत्र कौन सा है?
आर्द्रा नक्षत्र 12:27 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
13 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 07:22 से 08:49 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:55 बजे और सूर्यास्त 17:32 बजे है।