दत्तात्रेय जयंती
जयंतीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:45–05:33
दिन 06:21–17:43 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:45–05:33 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:39–12:25 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 12:48–14:12 1 घं 24 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:27–14:53 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 06:21–07:46 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 09:11–10:37 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:08–10:54 45 मिनट 14:41–15:27 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 04:49, 5 दिसम्बर–06:12, 5 दिसम्बर 1 घं 23 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:21–07:46
- रोग 07:46–09:11
- उद्वेग 09:11–10:37
- चल 10:37–12:02
- लाभ 12:02–13:27
- अमृत 13:27–14:53
- काल 14:53–16:18
- शुभ 16:18–17:43
रात
- अमृत 17:43–19:18
- चल 19:18–20:53
- रोग 20:53–22:27
- काल 22:27–00:02, 5 दिसम्बर
- लाभ 00:02, 5 दिसम्बर–01:37, 5 दिसम्बर
- उद्वेग 01:37, 5 दिसम्बर–03:12, 5 दिसम्बर
- शुभ 03:12, 5 दिसम्बर–04:47, 5 दिसम्बर
- अमृत 04:47, 5 दिसम्बर–06:21, 5 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 दिसम्बर 2025 को कौन सी तिथि है?
4 दिसम्बर 2025 को शुक्ल चतुर्दशी है, जो 08:38 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
4 दिसम्बर 2025 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 14:54 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
4 दिसम्बर 2025 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 13:27 से 14:53 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 दिसम्बर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:21 बजे और सूर्यास्त 17:43 बजे है।