धनु संक्रांति
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:00–05:48
दिन 06:36–17:11 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:00–05:48 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:32–12:14 42 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:32–15:51 1 घं 19 मि
- यमगण्ड
- 09:15–10:34 1 घं 19 मि
- गुलिक काल
- 11:53–13:13 1 घं 19 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:43–09:25 42 मिनट 22:33–23:27 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 20:28–22:16 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:36–07:55
- उद्वेग 07:55–09:15
- चल 09:15–10:34
- लाभ 10:34–11:53
- अमृत 11:53–13:13
- काल 13:13–14:32
- शुभ 14:32–15:51
- रोग 15:51–17:11
रात
- काल 17:11–18:51
- लाभ 18:51–20:32
- उद्वेग 20:32–22:13
- शुभ 22:13–23:53
- अमृत 23:53–01:34, 17 दिसम्बर
- चल 01:34, 17 दिसम्बर–03:15, 17 दिसम्बर
- रोग 03:15, 17 दिसम्बर–04:56, 17 दिसम्बर
- काल 04:56, 17 दिसम्बर–06:36, 17 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 दिसम्बर 2025 को कौन सी तिथि है?
16 दिसम्बर 2025 को कृष्ण द्वादशी है, जो 23:57 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
16 दिसम्बर 2025 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 14:09 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
16 दिसम्बर 2025 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 14:32 से 15:51 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 दिसम्बर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:36 बजे और सूर्यास्त 17:11 बजे है।