सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:42–05:30
दिन 06:18–17:13 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:42–05:30 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:23–12:07 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 20:02–21:44 1 घं 42 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:29–15:51 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 09:02–10:23 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 11:45–13:07 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:29–09:13 44 मिनट 22:27–23:19 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 09:48–11:30 1 घं 42 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:18–07:40
- उद्वेग 07:40–09:02
- चल 09:02–10:23
- लाभ 10:23–11:45
- अमृत 11:45–13:07
- काल 13:07–14:29
- शुभ 14:29–15:51
- रोग 15:51–17:13
रात
- काल 17:13–18:51
- लाभ 18:51–20:29
- उद्वेग 20:29–22:07
- शुभ 22:07–23:46
- अमृत 23:46–01:24, 24 दिसम्बर
- चल 01:24, 24 दिसम्बर–03:02, 24 दिसम्बर
- रोग 03:02, 24 दिसम्बर–04:40, 24 दिसम्बर
- काल 04:40, 24 दिसम्बर–06:18, 24 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 दिसम्बर 2025 को कौन सी तिथि है?
23 दिसम्बर 2025 को शुक्ल तृतीया है, जो 12:13 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
23 दिसम्बर 2025 को नक्षत्र कौन सा है?
श्रवण नक्षत्र 07:07, 24 दिसम्बर बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
23 दिसम्बर 2025 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 14:29 से 15:51 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 दिसम्बर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:18 बजे और सूर्यास्त 17:13 बजे है।