षटतिला एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:03–05:51
दिन 06:39–18:03 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:03–05:51 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 15:23–17:10 1 घं 48 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:21–13:46 1 घं 26 मि
- यमगण्ड
- 08:04–09:30 1 घं 26 मि
- गुलिक काल
- 10:55–12:21 1 घं 26 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:58–12:44 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:39–08:04
- अमृत 08:04–09:30
- काल 09:30–10:55
- शुभ 10:55–12:21
- रोग 12:21–13:46
- उद्वेग 13:46–15:12
- चल 15:12–16:38
- लाभ 16:38–18:03
रात
- उद्वेग 18:03–19:38
- शुभ 19:38–21:12
- अमृत 21:12–22:46
- चल 22:46–00:21, 15 जनवरी
- रोग 00:21, 15 जनवरी–01:55, 15 जनवरी
- काल 01:55, 15 जनवरी–03:30, 15 जनवरी
- लाभ 03:30, 15 जनवरी–05:04, 15 जनवरी
- उद्वेग 05:04, 15 जनवरी–06:39, 15 जनवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 जनवरी 2026 को कौन सी तिथि है?
14 जनवरी 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 17:53 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
14 जनवरी 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
अनुराधा नक्षत्र 03:03, 15 जनवरी बजे तक रहता है। (तिरुपति)
14 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 12:21 से 13:46 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:39 बजे और सूर्यास्त 18:03 बजे है।