सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:38–06:26
दिन 07:14–18:27 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:38–06:26 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 15:48–17:24 1 घं 36 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:51–14:15 1 घं 24 मि
- यमगण्ड
- 08:38–10:02 1 घं 24 मि
- गुलिक काल
- 11:27–12:51 1 घं 24 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:28–13:13 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 05:38, 5 फ़रवरी–07:17, 5 फ़रवरी 1 घं 39 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 07:14–08:38
- अमृत 08:38–10:02
- काल 10:02–11:27
- शुभ 11:27–12:51
- रोग 12:51–14:15
- उद्वेग 14:15–15:39
- चल 15:39–17:03
- लाभ 17:03–18:27
रात
- उद्वेग 18:27–20:03
- शुभ 20:03–21:39
- अमृत 21:39–23:15
- चल 23:15–00:51, 5 फ़रवरी
- रोग 00:51, 5 फ़रवरी–02:26, 5 फ़रवरी
- काल 02:26, 5 फ़रवरी–04:02, 5 फ़रवरी
- लाभ 04:02, 5 फ़रवरी–05:38, 5 फ़रवरी
- उद्वेग 05:38, 5 फ़रवरी–07:14, 5 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 फ़रवरी 2026 को कौन सी तिथि है?
4 फ़रवरी 2026 को कृष्ण तृतीया है, जो 00:10, 5 फ़रवरी बजे तक रहती है। (वडोदरा)
4 फ़रवरी 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र 22:12 बजे तक रहता है। (वडोदरा)
4 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
वडोदरा में राहु काल 12:51 से 14:15 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वडोदरा में सूर्योदय 07:14 बजे और सूर्यास्त 18:27 बजे है।