सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:42–05:30
दिन 06:18–17:43 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:42–05:30 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 03:52, 12 फ़रवरी–05:39, 12 फ़रवरी 1 घं 47 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:00–13:26 1 घं 26 मि
- यमगण्ड
- 07:43–09:09 1 घं 26 मि
- गुलिक काल
- 10:35–12:00 1 घं 26 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:38–12:23 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 17:08–18:55 1 घं 47 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:18–07:43
- अमृत 07:43–09:09
- काल 09:09–10:35
- शुभ 10:35–12:00
- रोग 12:00–13:26
- उद्वेग 13:26–14:52
- चल 14:52–16:18
- लाभ 16:18–17:43
रात
- उद्वेग 17:43–19:17
- शुभ 19:17–20:52
- अमृत 20:52–22:26
- चल 22:26–00:00, 12 फ़रवरी
- रोग 00:00, 12 फ़रवरी–01:35, 12 फ़रवरी
- काल 01:35, 12 फ़रवरी–03:09, 12 फ़रवरी
- लाभ 03:09, 12 फ़रवरी–04:43, 12 फ़रवरी
- उद्वेग 04:43, 12 फ़रवरी–06:17, 12 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
11 फ़रवरी 2026 को कौन सी तिथि है?
11 फ़रवरी 2026 को कृष्ण नवमी है, जो 09:59 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
11 फ़रवरी 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
अनुराधा नक्षत्र 10:52 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
11 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 12:00 से 13:26 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
11 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:18 बजे और सूर्यास्त 17:43 बजे है।