सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:39–05:27
दिन 06:15–17:46 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:39–05:27 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:37–12:23 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 09:58–11:38 1 घं 40 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:41–09:08 1 घं 26 मि
- यमगण्ड
- 10:34–12:00 1 घं 26 मि
- गुलिक काल
- 13:27–14:53 1 घं 26 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:23–13:09 46 मिनट 14:42–15:28 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:52, 17 फ़रवरी–02:30, 17 फ़रवरी 1 घं 38 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:15–07:41
- काल 07:41–09:08
- शुभ 09:08–10:34
- रोग 10:34–12:00
- उद्वेग 12:00–13:27
- चल 13:27–14:53
- लाभ 14:53–16:19
- अमृत 16:19–17:46
रात
- चल 17:46–19:19
- रोग 19:19–20:53
- काल 20:53–22:26
- लाभ 22:26–00:00, 17 फ़रवरी
- उद्वेग 00:00, 17 फ़रवरी–01:34, 17 फ़रवरी
- शुभ 01:34, 17 फ़रवरी–03:07, 17 फ़रवरी
- अमृत 03:07, 17 फ़रवरी–04:41, 17 फ़रवरी
- चल 04:41, 17 फ़रवरी–06:14, 17 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 फ़रवरी 2026 को कौन सी तिथि है?
16 फ़रवरी 2026 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 17:34 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
16 फ़रवरी 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
श्रवण नक्षत्र 20:48 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
16 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 07:41 से 09:08 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:15 बजे और सूर्यास्त 17:46 बजे है।