पापमोचनी एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:19–05:07
दिन 05:55–17:56 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:19–05:07 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:31–12:19 48 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 19:03–20:43 1 घं 40 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:26–17:56 1 घं 30 मि
- यमगण्ड
- 11:55–13:25 1 घं 30 मि
- गुलिक काल
- 14:56–16:26 1 घं 30 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:20–17:08 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 09:00–10:41 1 घं 40 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:55–07:25
- चल 07:25–08:55
- लाभ 08:55–10:25
- अमृत 10:25–11:55
- काल 11:55–13:25
- शुभ 13:25–14:56
- रोग 14:56–16:26
- उद्वेग 16:26–17:56
रात
- शुभ 17:56–19:26
- अमृत 19:26–20:55
- चल 20:55–22:25
- रोग 22:25–23:55
- काल 23:55–01:25, 16 मार्च
- लाभ 01:25, 16 मार्च–02:54, 16 मार्च
- उद्वेग 02:54, 16 मार्च–04:24, 16 मार्च
- शुभ 04:24, 16 मार्च–05:54, 16 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
15 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?
15 मार्च 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 09:17 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
15 मार्च 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
श्रवण नक्षत्र 05:56, 16 मार्च बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
15 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 16:26 से 17:56 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
15 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:55 बजे और सूर्यास्त 17:56 बजे है।