सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:28–05:16
दिन 06:04–18:08 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:28–05:16 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 21:37–23:10 1 घं 33 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:06–13:36 1 घं 31 मि
- यमगण्ड
- 07:34–09:05 1 घं 31 मि
- गुलिक काल
- 10:35–12:06 1 घं 31 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:42–12:30 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 12:20–13:53 1 घं 33 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:04–07:34
- अमृत 07:34–09:05
- काल 09:05–10:35
- शुभ 10:35–12:06
- रोग 12:06–13:36
- उद्वेग 13:36–15:07
- चल 15:07–16:37
- लाभ 16:37–18:08
रात
- उद्वेग 18:08–19:37
- शुभ 19:37–21:07
- अमृत 21:07–22:36
- चल 22:36–00:05, 19 मार्च
- रोग 00:05, 19 मार्च–01:35, 19 मार्च
- काल 01:35, 19 मार्च–03:04, 19 मार्च
- लाभ 03:04, 19 मार्च–04:33, 19 मार्च
- उद्वेग 04:33, 19 मार्च–06:03, 19 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
18 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?
18 मार्च 2026 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 08:25 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
18 मार्च 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
शतभिषा नक्षत्र 06:09 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
18 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 12:06 से 13:36 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
18 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:04 बजे और सूर्यास्त 18:08 बजे है।