सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:12–05:00
दिन 05:48–17:58 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:12–05:00 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:29–12:17 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 18:37–20:05 1 घं 28 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:19–08:50 1 घं 31 मि
- यमगण्ड
- 10:22–11:53 1 घं 31 मि
- गुलिक काल
- 13:24–14:56 1 घं 31 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:17–13:06 49 मिनट 14:43–15:32 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 09:46–11:14 1 घं 28 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 05:48–07:19
- काल 07:19–08:50
- शुभ 08:50–10:22
- रोग 10:22–11:53
- उद्वेग 11:53–13:24
- चल 13:24–14:56
- लाभ 14:56–16:27
- अमृत 16:27–17:58
रात
- चल 17:58–19:27
- रोग 19:27–20:55
- काल 20:55–22:24
- लाभ 22:24–23:53
- उद्वेग 23:53–01:21, 24 मार्च
- शुभ 01:21, 24 मार्च–02:50, 24 मार्च
- अमृत 02:50, 24 मार्च–04:18, 24 मार्च
- चल 04:18, 24 मार्च–05:47, 24 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?
23 मार्च 2026 को शुक्ल पंचमी है, जो 18:38 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
23 मार्च 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 20:49 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
23 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 07:19 से 08:50 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:48 बजे और सूर्यास्त 17:58 बजे है।