हनुमान जयंती
जयंतीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:31–05:19
दिन 06:07–18:24 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:31–05:19 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:51–12:40 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 11:18–13:00 1 घं 41 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:48–15:20 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 06:07–07:39 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 09:11–10:43 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:13–11:02 49 मिनट 15:07–15:57 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 02:14, 3 अप्रैल–03:57, 3 अप्रैल 1 घं 43 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:07–07:39
- रोग 07:39–09:11
- उद्वेग 09:11–10:43
- चल 10:43–12:16
- लाभ 12:16–13:48
- अमृत 13:48–15:20
- काल 15:20–16:52
- शुभ 16:52–18:24
रात
- अमृत 18:24–19:52
- चल 19:52–21:20
- रोग 21:20–22:47
- काल 22:47–00:15, 3 अप्रैल
- लाभ 00:15, 3 अप्रैल–01:43, 3 अप्रैल
- उद्वेग 01:43, 3 अप्रैल–03:11, 3 अप्रैल
- शुभ 03:11, 3 अप्रैल–04:39, 3 अप्रैल
- अमृत 04:39, 3 अप्रैल–06:07, 3 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?
2 अप्रैल 2026 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 07:42 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
2 अप्रैल 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
हस्त नक्षत्र 17:38 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
2 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 13:48 से 15:20 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
2 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:07 बजे और सूर्यास्त 18:24 बजे है।