अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:50–04:38
दिन 05:26–18:05 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:50–04:38 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:21–12:11 51 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 09:50–11:18 1 घं 28 मि 03:12, 18 अप्रैल–04:39, 18 अप्रैल 1 घं 27 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:11–11:46 1 घं 35 मि
- यमगण्ड
- 14:56–16:31 1 घं 35 मि
- गुलिक काल
- 07:01–08:36 1 घं 35 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 07:58–08:49 51 मिनट 12:11–13:02 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- चल 05:26–07:01
- लाभ 07:01–08:36
- अमृत 08:36–10:11
- काल 10:11–11:46
- शुभ 11:46–13:21
- रोग 13:21–14:56
- उद्वेग 14:56–16:31
- चल 16:31–18:05
रात
- रोग 18:05–19:30
- काल 19:30–20:55
- लाभ 20:55–22:21
- उद्वेग 22:21–23:46
- शुभ 23:46–01:11, 18 अप्रैल
- अमृत 01:11, 18 अप्रैल–02:36, 18 अप्रैल
- चल 02:36, 18 अप्रैल–04:01, 18 अप्रैल
- रोग 04:01, 18 अप्रैल–05:26, 18 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- मीन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?
17 अप्रैल 2026 को कृष्ण अमावस्या है, जो 17:21 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
17 अप्रैल 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
रेवती नक्षत्र 12:02 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
17 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 10:11 से 11:46 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
17 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:26 बजे और सूर्यास्त 18:05 बजे है।