बुद्ध पूर्णिमा
त्योहार · सरकारी छुट्टीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:46–04:34
दिन 05:22–18:28 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:46–04:34 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:29–12:21 52 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 18:56–20:41 1 घं 45 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:17–11:55 1 घं 38 मि
- यमगण्ड
- 15:12–16:50 1 घं 38 मि
- गुलिक काल
- 07:00–08:38 1 घं 38 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 07:59–08:51 52 मिनट 12:21–13:14 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 08:25–10:10 1 घं 45 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 05:22–07:00
- लाभ 07:00–08:38
- अमृत 08:38–10:17
- काल 10:17–11:55
- शुभ 11:55–13:33
- रोग 13:33–15:12
- उद्वेग 15:12–16:50
- चल 16:50–18:28
रात
- रोग 18:28–19:50
- काल 19:50–21:11
- लाभ 21:11–22:33
- उद्वेग 22:33–23:55
- शुभ 23:55–01:16, 2 मई
- अमृत 01:16, 2 मई–02:38, 2 मई
- चल 02:38, 2 मई–03:59, 2 मई
- रोग 03:59, 2 मई–05:21, 2 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 मई 2026 को कौन सी तिथि है?
1 मई 2026 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 22:53 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
1 मई 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 04:35, 2 मई बजे तक रहता है। (वाराणसी)
1 मई 2026 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 10:17 से 11:55 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
1 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:22 बजे और सूर्यास्त 18:28 बजे है।