सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:30–04:18
दिन 05:06–18:28 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:30–04:18 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 11:28–12:54 1 घं 26 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:47–13:27 1 घं 40 मि
- यमगण्ड
- 06:46–08:27 1 घं 40 मि
- गुलिक काल
- 10:07–11:47 1 घं 40 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:20–12:14 53 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 20:55–22:23 1 घं 28 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:06–06:46
- अमृत 06:46–08:27
- काल 08:27–10:07
- शुभ 10:07–11:47
- रोग 11:47–13:27
- उद्वेग 13:27–15:08
- चल 15:08–16:48
- लाभ 16:48–18:28
रात
- उद्वेग 18:28–19:48
- शुभ 19:48–21:08
- अमृत 21:08–22:27
- चल 22:27–23:47
- रोग 23:47–01:07, 18 जून
- काल 01:07, 18 जून–02:27, 18 जून
- लाभ 02:27, 18 जून–03:47, 18 जून
- उद्वेग 03:47, 18 जून–05:06, 18 जून
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- ग्रीष्म
- सूर्य राशि
- मिथुन
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 जून 2026 को कौन सी तिथि है?
17 जून 2026 को शुक्ल तृतीया है, जो 21:39 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
17 जून 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 13:37 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
17 जून 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 11:47 से 13:27 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
17 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:06 बजे और सूर्यास्त 18:28 बजे है।