कृष्ण जन्माष्टमी
जयंती · सरकारी छुट्टीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:32–05:20
दिन 06:08–18:28 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:32–05:20 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:53–12:43 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 20:03–21:34 1 घं 30 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:46–12:18 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 15:23–16:56 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 07:41–09:13 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:36–09:26 49 मिनट 12:43–13:32 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:32–17:03 1 घं 30 मि 04:18, 5 सितम्बर–05:48, 5 सितम्बर 1 घं 30 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:08–07:41
- लाभ 07:41–09:13
- अमृत 09:13–10:46
- काल 10:46–12:18
- शुभ 12:18–13:51
- रोग 13:51–15:23
- उद्वेग 15:23–16:56
- चल 16:56–18:28
रात
- रोग 18:28–19:56
- काल 19:56–21:23
- लाभ 21:23–22:51
- उद्वेग 22:51–00:18, 5 सितम्बर
- शुभ 00:18, 5 सितम्बर–01:46, 5 सितम्बर
- अमृत 01:46, 5 सितम्बर–03:13, 5 सितम्बर
- चल 03:13, 5 सितम्बर–04:41, 5 सितम्बर
- रोग 04:41, 5 सितम्बर–06:08, 5 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 सितम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
4 सितम्बर 2026 को कृष्ण अष्टमी है, जो 00:14, 5 सितम्बर बजे तक रहती है। (बेंगलुरु)
4 सितम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
रोहिणी नक्षत्र 23:04 बजे तक रहता है। (बेंगलुरु)
4 सितम्बर 2026 को राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल 10:46 से 12:18 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 सितम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
बेंगलुरु में सूर्योदय 06:08 बजे और सूर्यास्त 18:28 बजे है।