सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:08–04:56
दिन 05:44–18:01 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:08–04:56 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:50–09:34 1 घं 44 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:52–13:25 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 07:16–08:48 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 10:20–11:52 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:28–12:17 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 21:47–23:34 1 घं 46 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:44–07:16
- अमृत 07:16–08:48
- काल 08:48–10:20
- शुभ 10:20–11:52
- रोग 11:52–13:25
- उद्वेग 13:25–14:57
- चल 14:57–16:29
- लाभ 16:29–18:01
रात
- उद्वेग 18:01–19:29
- शुभ 19:29–20:57
- अमृत 20:57–22:25
- चल 22:25–23:53
- रोग 23:53–01:20, 17 सितम्बर
- काल 01:20, 17 सितम्बर–02:48, 17 सितम्बर
- लाभ 02:48, 17 सितम्बर–04:16, 17 सितम्बर
- उद्वेग 04:16, 17 सितम्बर–05:44, 17 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 सितम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
16 सितम्बर 2026 को शुक्ल पंचमी है, जो 08:59 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
16 सितम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
विशाखा नक्षत्र 17:22 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
16 सितम्बर 2026 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 11:52 से 13:25 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 सितम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:44 बजे और सूर्यास्त 18:01 बजे है।