सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:04–04:52
दिन 05:40–17:25 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:04–04:52 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:09–11:56 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 14:35–16:16 1 घं 41 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:08–08:36 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 10:04–11:33 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 13:01–14:29 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:56–12:43 47 मिनट 14:17–15:04 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- अमृत 05:40–07:08
- काल 07:08–08:36
- शुभ 08:36–10:04
- रोग 10:04–11:33
- उद्वेग 11:33–13:01
- चल 13:01–14:29
- लाभ 14:29–15:57
- अमृत 15:57–17:25
रात
- चल 17:25–18:57
- रोग 18:57–20:29
- काल 20:29–22:01
- लाभ 22:01–23:33
- उद्वेग 23:33–01:05, 13 अक्टूबर
- शुभ 01:05, 13 अक्टूबर–02:37, 13 अक्टूबर
- अमृत 02:37, 13 अक्टूबर–04:08, 13 अक्टूबर
- चल 04:08, 13 अक्टूबर–05:40, 13 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
12 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?
12 अक्टूबर 2026 को शुक्ल द्वितीया है, जो 22:13 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
12 अक्टूबर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 23:52 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
12 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 07:08 से 08:36 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
12 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:40 बजे और सूर्यास्त 17:25 बजे है।