सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:08–04:56
दिन 05:44–17:17 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:08–04:56 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:07–11:54 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 12:58–14:35 1 घं 37 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:04–11:30 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 14:24–15:50 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 07:10–08:37 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:02–08:49 46 मिनट 11:54–12:40 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- चल 05:44–07:10
- लाभ 07:10–08:37
- अमृत 08:37–10:04
- काल 10:04–11:30
- शुभ 11:30–12:57
- रोग 12:57–14:24
- उद्वेग 14:24–15:50
- चल 15:50–17:17
रात
- रोग 17:17–18:50
- काल 18:50–20:24
- लाभ 20:24–21:57
- उद्वेग 21:57–23:31
- शुभ 23:31–01:04, 24 अक्टूबर
- अमृत 01:04, 24 अक्टूबर–02:37, 24 अक्टूबर
- चल 02:37, 24 अक्टूबर–04:11, 24 अक्टूबर
- रोग 04:11, 24 अक्टूबर–05:44, 24 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?
23 अक्टूबर 2026 को शुक्ल द्वादशी है, जो 14:36 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
23 अक्टूबर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र 21:03 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
23 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 10:04 से 11:30 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:44 बजे और सूर्यास्त 17:17 बजे है।