सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:27–05:15
दिन 06:03–17:20 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:27–05:15 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 11:15–12:42 1 घं 27 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:41–13:06 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 07:27–08:52 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 10:17–11:41 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:19–12:04 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 03:56, 29 अक्टूबर–05:23, 29 अक्टूबर 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:03–07:27
- अमृत 07:27–08:52
- काल 08:52–10:17
- शुभ 10:17–11:41
- रोग 11:41–13:06
- उद्वेग 13:06–14:31
- चल 14:31–15:55
- लाभ 15:55–17:20
रात
- उद्वेग 17:20–18:55
- शुभ 18:55–20:31
- अमृत 20:31–22:06
- चल 22:06–23:42
- रोग 23:42–01:17, 29 अक्टूबर
- काल 01:17, 29 अक्टूबर–02:52, 29 अक्टूबर
- लाभ 02:52, 29 अक्टूबर–04:28, 29 अक्टूबर
- उद्वेग 04:28, 29 अक्टूबर–06:03, 29 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
28 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?
28 अक्टूबर 2026 को कृष्ण तृतीया है, जो 01:07, 29 अक्टूबर बजे तक रहती है। (वाराणसी)
28 अक्टूबर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 13:26 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
28 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 11:41 से 13:06 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
28 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:03 बजे और सूर्यास्त 17:20 बजे है।