सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:47–05:35
दिन 06:23–17:07 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:47–05:35 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:24–12:07 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:25–11:45 1 घं 21 मि
- यमगण्ड
- 14:26–15:47 1 घं 21 मि
- गुलिक काल
- 07:43–09:04 1 घं 21 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:32–09:15 43 मिनट 12:07–12:49 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 01:59, 28 नवम्बर–03:26, 28 नवम्बर 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:23–07:43
- लाभ 07:43–09:04
- अमृत 09:04–10:25
- काल 10:25–11:45
- शुभ 11:45–13:06
- रोग 13:06–14:26
- उद्वेग 14:26–15:47
- चल 15:47–17:07
रात
- रोग 17:07–18:47
- काल 18:47–20:26
- लाभ 20:26–22:06
- उद्वेग 22:06–23:45
- शुभ 23:45–01:25, 28 नवम्बर
- अमृत 01:25, 28 नवम्बर–03:05, 28 नवम्बर
- चल 03:05, 28 नवम्बर–04:44, 28 नवम्बर
- रोग 04:44, 28 नवम्बर–06:24, 28 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
27 नवम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
27 नवम्बर 2026 को कृष्ण तृतीया है, जो 09:49 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
27 नवम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
आर्द्रा नक्षत्र 15:08 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
27 नवम्बर 2026 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 10:25 से 11:45 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
27 नवम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:23 बजे और सूर्यास्त 17:07 बजे है।