सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:03–05:51
दिन 06:39–17:13 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:03–05:51 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:35–12:17 42 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 08:36–10:02 1 घं 26 मि 05:07, 23 दिसम्बर–06:32, 23 दिसम्बर 1 घं 25 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:35–15:54 1 घं 19 मि
- यमगण्ड
- 09:18–10:37 1 घं 19 मि
- गुलिक काल
- 11:56–13:15 1 घं 19 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:46–09:28 42 मिनट 22:36–23:29 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:53, 23 दिसम्बर–02:17, 23 दिसम्बर 1 घं 25 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:39–07:58
- उद्वेग 07:58–09:18
- चल 09:18–10:37
- लाभ 10:37–11:56
- अमृत 11:56–13:15
- काल 13:15–14:35
- शुभ 14:35–15:54
- रोग 15:54–17:13
रात
- काल 17:13–18:54
- लाभ 18:54–20:35
- उद्वेग 20:35–22:16
- शुभ 22:16–23:56
- अमृत 23:56–01:37, 23 दिसम्बर
- चल 01:37, 23 दिसम्बर–03:18, 23 दिसम्बर
- रोग 03:18, 23 दिसम्बर–04:59, 23 दिसम्बर
- काल 04:59, 23 दिसम्बर–06:39, 23 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
22 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
22 दिसम्बर 2026 को शुक्ल त्रयोदशी है, जो 14:24 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
22 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 10:45 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
22 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 14:35 से 15:54 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
22 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:39 बजे और सूर्यास्त 17:13 बजे है।