सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:58–05:46
दिन 06:34–17:55 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:58–05:46 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:52–12:37 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 10:04–11:42 1 घं 38 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:40–15:05 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 06:34–07:59 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 09:25–10:50 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:21–11:07 45 मिनट 14:54–15:39 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:39, 1 जनवरी–02:20, 1 जनवरी 1 घं 41 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:34–07:59
- रोग 07:59–09:25
- उद्वेग 09:25–10:50
- चल 10:50–12:15
- लाभ 12:15–13:40
- अमृत 13:40–15:05
- काल 15:05–16:30
- शुभ 16:30–17:55
रात
- अमृत 17:55–19:30
- चल 19:30–21:05
- रोग 21:05–22:40
- काल 22:40–00:15, 1 जनवरी
- लाभ 00:15, 1 जनवरी–01:50, 1 जनवरी
- उद्वेग 01:50, 1 जनवरी–03:25, 1 जनवरी
- शुभ 03:25, 1 जनवरी–05:00, 1 जनवरी
- अमृत 05:00, 1 जनवरी–06:35, 1 जनवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
31 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
31 दिसम्बर 2026 को कृष्ण अष्टमी है, जो 12:32 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
31 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
हस्त नक्षत्र 16:13 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
31 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 13:40 से 15:05 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
31 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:34 बजे और सूर्यास्त 17:55 बजे है।