सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:14–06:02
दिन 06:50–17:50 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:14–06:02 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:58–12:42 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 10:07–11:55 1 घं 48 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:42–15:05 1 घं 23 मि
- यमगण्ड
- 06:50–08:12 1 घं 23 मि
- गुलिक काल
- 09:35–10:57 1 घं 23 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:30–11:14 44 मिनट 14:54–15:38 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:32, 5 फ़रवरी–02:20, 5 फ़रवरी 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:50–08:12
- रोग 08:12–09:35
- उद्वेग 09:35–10:57
- चल 10:57–12:20
- लाभ 12:20–13:42
- अमृत 13:42–15:05
- काल 15:05–16:27
- शुभ 16:27–17:50
रात
- अमृत 17:50–19:27
- चल 19:27–21:05
- रोग 21:05–22:42
- काल 22:42–00:19, 5 फ़रवरी
- लाभ 00:19, 5 फ़रवरी–01:57, 5 फ़रवरी
- उद्वेग 01:57, 5 फ़रवरी–03:34, 5 फ़रवरी
- शुभ 03:34, 5 फ़रवरी–05:12, 5 फ़रवरी
- अमृत 05:12, 5 फ़रवरी–06:49, 5 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 फ़रवरी 2027 को कौन सी तिथि है?
4 फ़रवरी 2027 को कृष्ण त्रयोदशी है, जो 16:31 बजे तक रहती है। (लखनऊ)
4 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 15:32 बजे तक रहता है। (लखनऊ)
4 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल 13:42 से 15:05 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
लखनऊ में सूर्योदय 06:50 बजे और सूर्यास्त 17:50 बजे है।