उपच्छाया चंद्र ग्रहण
02:42–06:43- स्पर्श
- 02:42
- मध्य
- 04:42
- मोक्ष
- 06:43
- ग्रहण मान
- 0.000
- सूतक काल
- उपच्छाया ग्रहण में सूतक नहीं लगता।
सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:29–06:17
दिन 07:05–18:39 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:29–06:17 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:29–13:15 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 11:40–13:07 1 घं 27 मि 06:02, 22 फ़रवरी–07:30, 22 फ़रवरी 1 घं 28 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 17:12–18:39 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 12:52–14:19 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 15:46–17:12 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 17:07–17:53 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 21:12–22:40 1 घं 28 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 07:05–08:32
- चल 08:32–09:58
- लाभ 09:58–11:25
- अमृत 11:25–12:52
- काल 12:52–14:19
- शुभ 14:19–15:46
- रोग 15:46–17:12
- उद्वेग 17:12–18:39
रात
- शुभ 18:39–20:12
- अमृत 20:12–21:45
- चल 21:45–23:18
- रोग 23:18–00:52, 22 फ़रवरी
- काल 00:52, 22 फ़रवरी–02:25, 22 फ़रवरी
- लाभ 02:25, 22 फ़रवरी–03:58, 22 फ़रवरी
- उद्वेग 03:58, 22 फ़रवरी–05:31, 22 फ़रवरी
- शुभ 05:31, 22 फ़रवरी–07:04, 22 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 फ़रवरी 2027 को कौन सी तिथि है?
21 फ़रवरी 2027 को कृष्ण प्रतिपदा है, जो 02:03, 22 फ़रवरी बजे तक रहती है। (सूरत)
21 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 13:51 बजे तक रहता है। (सूरत)
21 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 17:12 से 18:39 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 07:05 बजे और सूर्यास्त 18:39 बजे है।