विजया एकादशी (स्मार्त)
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:05–05:53
दिन 06:41–18:17 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:05–05:53 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 17:09–18:57 1 घं 48 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:29–13:56 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 08:08–09:35 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 11:02–12:29 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:06–12:52 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:41–08:08
- अमृत 08:08–09:35
- काल 09:35–11:02
- शुभ 11:02–12:29
- रोग 12:29–13:56
- उद्वेग 13:56–15:23
- चल 15:23–16:50
- लाभ 16:50–18:17
रात
- उद्वेग 18:17–19:50
- शुभ 19:50–21:23
- अमृत 21:23–22:56
- चल 22:56–00:28, 4 मार्च
- रोग 00:28, 4 मार्च–02:01, 4 मार्च
- काल 02:01, 4 मार्च–03:34, 4 मार्च
- लाभ 03:34, 4 मार्च–05:07, 4 मार्च
- उद्वेग 05:07, 4 मार्च–06:40, 4 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 मार्च 2027 को कौन सी तिथि है?
3 मार्च 2027 को कृष्ण एकादशी है, जो 07:24, 4 मार्च बजे तक रहती है। (हरिद्वार)
3 मार्च 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 22:34 बजे तक रहता है। (हरिद्वार)
3 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
हरिद्वार में राहु काल 12:29 से 13:56 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
हरिद्वार में सूर्योदय 06:41 बजे और सूर्यास्त 18:17 बजे है।