सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:20–05:08
दिन 05:56–17:55 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:20–05:08 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:32–12:20 48 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 08:03–09:37 1 घं 33 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:26–17:55 1 घं 30 मि
- यमगण्ड
- 11:56–13:26 1 घं 30 मि
- गुलिक काल
- 14:56–16:26 1 घं 30 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:20–17:08 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 01:45, 15 मार्च–03:17, 15 मार्च 1 घं 32 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:56–07:26
- चल 07:26–08:56
- लाभ 08:56–10:26
- अमृत 10:26–11:56
- काल 11:56–13:26
- शुभ 13:26–14:56
- रोग 14:56–16:26
- उद्वेग 16:26–17:55
रात
- शुभ 17:55–19:25
- अमृत 19:25–20:55
- चल 20:55–22:25
- रोग 22:25–23:55
- काल 23:55–01:25, 15 मार्च
- लाभ 01:25, 15 मार्च–02:55, 15 मार्च
- उद्वेग 02:55, 15 मार्च–04:25, 15 मार्च
- शुभ 04:25, 15 मार्च–05:55, 15 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 मार्च 2027 को कौन सी तिथि है?
14 मार्च 2027 को शुक्ल षष्ठी है, जो 12:32 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
14 मार्च 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 10:23 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
14 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 16:26 से 17:55 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:56 बजे और सूर्यास्त 17:55 बजे है।