सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:57–05:45
दिन 06:33–18:53 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:57–05:45 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 02:12, 1 अप्रैल–04:00, 1 अप्रैल 1 घं 48 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:43–14:15 1 घं 33 मि
- यमगण्ड
- 08:05–09:38 1 घं 33 मि
- गुलिक काल
- 11:10–12:43 1 घं 33 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:18–13:07 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:22–17:11 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:33–08:05
- अमृत 08:05–09:38
- काल 09:38–11:10
- शुभ 11:10–12:43
- रोग 12:43–14:15
- उद्वेग 14:15–15:48
- चल 15:48–17:20
- लाभ 17:20–18:53
रात
- उद्वेग 18:53–20:20
- शुभ 20:20–21:47
- अमृत 21:47–23:15
- चल 23:15–00:42, 1 अप्रैल
- रोग 00:42, 1 अप्रैल–02:10, 1 अप्रैल
- काल 02:10, 1 अप्रैल–03:37, 1 अप्रैल
- लाभ 03:37, 1 अप्रैल–05:04, 1 अप्रैल
- उद्वेग 05:04, 1 अप्रैल–06:32, 1 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
31 मार्च 2027 को कौन सी तिथि है?
31 मार्च 2027 को कृष्ण नवमी है, जो 22:16 बजे तक रहती है। (सूरत)
31 मार्च 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 09:25, 1 अप्रैल बजे तक रहता है। (सूरत)
31 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 12:43 से 14:15 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
31 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 06:33 बजे और सूर्यास्त 18:53 बजे है।