पापमोचनी एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:03–04:51
दिन 05:39–18:01 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:03–04:51 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:25–12:15 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 03:15, 3 अप्रैल–05:00, 3 अप्रैल 1 घं 46 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:17–11:50 1 घं 33 मि
- यमगण्ड
- 14:55–16:28 1 घं 33 मि
- गुलिक काल
- 07:12–08:45 1 घं 33 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:08–08:57 49 मिनट 12:15–13:04 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 16:40–18:26 1 घं 46 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 05:39–07:12
- लाभ 07:12–08:45
- अमृत 08:45–10:17
- काल 10:17–11:50
- शुभ 11:50–13:23
- रोग 13:23–14:55
- उद्वेग 14:55–16:28
- चल 16:28–18:01
रात
- रोग 18:01–19:28
- काल 19:28–20:55
- लाभ 20:55–22:22
- उद्वेग 22:22–23:50
- शुभ 23:50–01:17, 3 अप्रैल
- अमृत 01:17, 3 अप्रैल–02:44, 3 अप्रैल
- चल 02:44, 3 अप्रैल–04:11, 3 अप्रैल
- रोग 04:11, 3 अप्रैल–05:38, 3 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?
2 अप्रैल 2027 को कृष्ण एकादशी है, जो 02:52, 3 अप्रैल बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
2 अप्रैल 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
श्रवण नक्षत्र 12:16 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
2 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 10:17 से 11:50 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
2 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:39 बजे और सूर्यास्त 18:01 बजे है।