सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:11–04:59
दिन 05:47–18:15 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:11–04:59 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:36–12:26 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 08:54–10:28 1 घं 33 मि
- यमगण्ड
- 13:35–15:08 1 घं 33 मि
- गुलिक काल
- 05:47–07:21 1 घं 33 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 05:47–06:37 50 मिनट 06:37–07:27 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 22:27–00:10, 4 अप्रैल 1 घं 43 मि
चौघड़िया
दिन
- काल 05:47–07:21
- शुभ 07:21–08:54
- रोग 08:54–10:28
- उद्वेग 10:28–12:01
- चल 12:01–13:35
- लाभ 13:35–15:08
- अमृत 15:08–16:42
- काल 16:42–18:15
रात
- लाभ 18:15–19:41
- उद्वेग 19:41–21:08
- शुभ 21:08–22:34
- अमृत 22:34–00:01, 4 अप्रैल
- चल 00:01, 4 अप्रैल–01:27, 4 अप्रैल
- रोग 01:27, 4 अप्रैल–02:54, 4 अप्रैल
- काल 02:54, 4 अप्रैल–04:20, 4 अप्रैल
- लाभ 04:20, 4 अप्रैल–05:46, 4 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?
3 अप्रैल 2027 को कृष्ण द्वादशी है, जो 04:27, 4 अप्रैल बजे तक रहती है। (वाराणसी)
3 अप्रैल 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
धनिष्ठा नक्षत्र 14:42 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
3 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 08:54 से 10:28 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:47 बजे और सूर्यास्त 18:15 बजे है।