सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:18–05:06
दिन 05:54–18:26 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:18–05:06 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:45–12:35 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 19:56–21:38 1 घं 42 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:36–12:10 1 घं 34 मि
- यमगण्ड
- 15:18–16:52 1 घं 34 मि
- गुलिक काल
- 07:28–09:02 1 घं 34 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:25–09:15 50 मिनट 12:35–13:25 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 09:46–11:28 1 घं 42 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 05:54–07:28
- लाभ 07:28–09:02
- अमृत 09:02–10:36
- काल 10:36–12:10
- शुभ 12:10–13:44
- रोग 13:44–15:18
- उद्वेग 15:18–16:52
- चल 16:52–18:26
रात
- रोग 18:26–19:52
- काल 19:52–21:18
- लाभ 21:18–22:44
- उद्वेग 22:44–00:10, 24 अप्रैल
- शुभ 00:10, 24 अप्रैल–01:36, 24 अप्रैल
- अमृत 01:36, 24 अप्रैल–03:02, 24 अप्रैल
- चल 03:02, 24 अप्रैल–04:28, 24 अप्रैल
- रोग 04:28, 24 अप्रैल–05:54, 24 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?
23 अप्रैल 2027 को कृष्ण तृतीया है, जो 04:21, 24 अप्रैल बजे तक रहती है। (तिरुपति)
23 अप्रैल 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
अनुराधा नक्षत्र 06:57, 24 अप्रैल बजे तक रहता है। (तिरुपति)
23 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 10:36 से 12:10 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 05:54 बजे और सूर्यास्त 18:26 बजे है।