एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:33–04:21
दिन 05:09–18:16 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:33–04:21 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:16–12:09 52 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:38–18:16 1 घं 38 मि
- यमगण्ड
- 11:43–13:21 1 घं 38 मि
- गुलिक काल
- 14:59–16:38 1 घं 38 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:31–17:24 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:57–21:33 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:09–06:48
- चल 06:48–08:26
- लाभ 08:26–10:04
- अमृत 10:04–11:43
- काल 11:43–13:21
- शुभ 13:21–14:59
- रोग 14:59–16:38
- उद्वेग 16:38–18:16
रात
- शुभ 18:16–19:38
- अमृत 19:38–20:59
- चल 20:59–22:21
- रोग 22:21–23:43
- काल 23:43–01:04, 17 मई
- लाभ 01:04, 17 मई–02:26, 17 मई
- उद्वेग 02:26, 17 मई–03:47, 17 मई
- शुभ 03:47, 17 मई–05:09, 17 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- वृषभ
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 मई 2027 को कौन सी तिथि है?
16 मई 2027 को शुक्ल एकादशी है, जो 17:13 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
16 मई 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 11:35 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
16 मई 2027 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 16:38 से 18:16 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:09 बजे और सूर्यास्त 18:16 बजे है।