गुरु पूर्णिमा
त्योहारउपच्छाया चंद्र ग्रहण
21:27–21:38- स्पर्श
- 21:27
- मध्य
- 21:33
- मोक्ष
- 21:38
- ग्रहण मान
- 0.000
- सूतक काल
- उपच्छाया ग्रहण में सूतक नहीं लगता।
सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:58–04:46
दिन 05:34–19:15 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:58–04:46 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:58–12:52 55 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 05:54–07:42 1 घं 48 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 17:33–19:15 1 घं 43 मि
- यमगण्ड
- 12:25–14:08 1 घं 43 मि
- गुलिक काल
- 15:50–17:33 1 घं 43 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 17:26–18:21 55 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 20:20–22:08 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:34–07:17
- चल 07:17–09:00
- लाभ 09:00–10:42
- अमृत 10:42–12:25
- काल 12:25–14:08
- शुभ 14:08–15:50
- रोग 15:50–17:33
- उद्वेग 17:33–19:15
रात
- शुभ 19:15–20:33
- अमृत 20:33–21:50
- चल 21:50–23:08
- रोग 23:08–00:25, 19 जुलाई
- काल 00:25, 19 जुलाई–01:43, 19 जुलाई
- लाभ 01:43, 19 जुलाई–03:00, 19 जुलाई
- उद्वेग 03:00, 19 जुलाई–04:18, 19 जुलाई
- शुभ 04:18, 19 जुलाई–05:35, 19 जुलाई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- मास (अमांत)
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- ग्रीष्म
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
18 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?
18 जुलाई 2027 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 21:14 बजे तक रहती है। (मथुरा)
18 जुलाई 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 11:18 बजे तक रहता है। (मथुरा)
18 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
मथुरा में राहु काल 17:33 से 19:15 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
18 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
मथुरा में सूर्योदय 05:34 बजे और सूर्यास्त 19:15 बजे है।