सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:53–04:41
दिन 05:29–18:36 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:53–04:41 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 01:54, 12 अगस्त–03:40, 12 अगस्त 1 घं 45 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:03–13:41 1 घं 38 मि
- यमगण्ड
- 07:07–08:46 1 घं 38 मि
- गुलिक काल
- 10:24–12:03 1 घं 38 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:36–12:29 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:22–17:08 1 घं 45 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:29–07:07
- अमृत 07:07–08:46
- काल 08:46–10:24
- शुभ 10:24–12:03
- रोग 12:03–13:41
- उद्वेग 13:41–15:20
- चल 15:20–16:58
- लाभ 16:58–18:36
रात
- उद्वेग 18:36–19:58
- शुभ 19:58–21:20
- अमृत 21:20–22:41
- चल 22:41–00:03, 12 अगस्त
- रोग 00:03, 12 अगस्त–01:25, 12 अगस्त
- काल 01:25, 12 अगस्त–02:46, 12 अगस्त
- लाभ 02:46, 12 अगस्त–04:08, 12 अगस्त
- उद्वेग 04:08, 12 अगस्त–05:29, 12 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
11 अगस्त 2027 को कौन सी तिथि है?
11 अगस्त 2027 को शुक्ल दशमी है, जो 00:59, 12 अगस्त बजे तक रहती है। (वाराणसी)
11 अगस्त 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
अनुराधा नक्षत्र 09:14 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
11 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 12:03 से 13:41 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
11 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:29 बजे और सूर्यास्त 18:36 बजे है।