श्रावण पुत्रदा एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:22–05:10
दिन 05:58–18:35 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:22–05:10 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:52–12:42 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:52–15:26 1 घं 35 मि
- यमगण्ड
- 05:58–07:33 1 घं 35 मि
- गुलिक काल
- 09:08–10:42 1 घं 35 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:11–11:01 50 मिनट 15:14–16:04 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 20:29–22:16 1 घं 47 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 05:58–07:33
- रोग 07:33–09:08
- उद्वेग 09:08–10:42
- चल 10:42–12:17
- लाभ 12:17–13:52
- अमृत 13:52–15:26
- काल 15:26–17:01
- शुभ 17:01–18:35
रात
- अमृत 18:35–20:01
- चल 20:01–21:26
- रोग 21:26–22:52
- काल 22:52–00:17, 13 अगस्त
- लाभ 00:17, 13 अगस्त–01:42, 13 अगस्त
- उद्वेग 01:42, 13 अगस्त–03:08, 13 अगस्त
- शुभ 03:08, 13 अगस्त–04:33, 13 अगस्त
- अमृत 04:33, 13 अगस्त–05:58, 13 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
12 अगस्त 2027 को कौन सी तिथि है?
12 अगस्त 2027 को शुक्ल एकादशी है, जो 03:00, 13 अगस्त बजे तक रहती है। (तिरुपति)
12 अगस्त 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
ज्येष्ठा नक्षत्र 11:34 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
12 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 13:52 से 15:26 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
12 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 05:58 बजे और सूर्यास्त 18:35 बजे है।