रक्षा बंधन
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:23–05:11
दिन 05:59–19:02 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:23–05:11 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:04–12:56 52 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 14:51–16:39 1 घं 48 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:46–17:24 1 घं 38 मि
- यमगण्ड
- 09:14–10:52 1 घं 38 मि
- गुलिक काल
- 12:30–14:08 1 घं 38 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:35–09:28 52 मिनट 23:25–00:09, 18 अगस्त 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:59–07:37
- उद्वेग 07:37–09:14
- चल 09:14–10:52
- लाभ 10:52–12:30
- अमृत 12:30–14:08
- काल 14:08–15:46
- शुभ 15:46–17:24
- रोग 17:24–19:02
रात
- काल 19:02–20:24
- लाभ 20:24–21:46
- उद्वेग 21:46–23:08
- शुभ 23:08–00:31, 18 अगस्त
- अमृत 00:31, 18 अगस्त–01:53, 18 अगस्त
- चल 01:53, 18 अगस्त–03:15, 18 अगस्त
- रोग 03:15, 18 अगस्त–04:37, 18 अगस्त
- काल 04:37, 18 अगस्त–05:59, 18 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 अगस्त 2027 को कौन सी तिथि है?
17 अगस्त 2027 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 12:58 बजे तक रहती है। (जयपुर)
17 अगस्त 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
धनिष्ठा नक्षत्र 02:32, 18 अगस्त बजे तक रहता है। (जयपुर)
17 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 15:46 से 17:24 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
17 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 05:59 बजे और सूर्यास्त 19:02 बजे है।