पूर्णिमा
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:57–04:45
दिन 05:33–17:50 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:57–04:45 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 05:00, 16 सितम्बर–06:45, 16 सितम्बर 1 घं 45 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:41–13:13 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 07:05–08:37 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 10:09–11:41 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:17–12:06 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:32–20:17 1 घं 45 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:33–07:05
- अमृत 07:05–08:37
- काल 08:37–10:09
- शुभ 10:09–11:41
- रोग 11:41–13:13
- उद्वेग 13:13–14:46
- चल 14:46–16:18
- लाभ 16:18–17:50
रात
- उद्वेग 17:50–19:18
- शुभ 19:18–20:46
- अमृत 20:46–22:14
- चल 22:14–23:42
- रोग 23:42–01:10, 16 सितम्बर
- काल 01:10, 16 सितम्बर–02:37, 16 सितम्बर
- लाभ 02:37, 16 सितम्बर–04:05, 16 सितम्बर
- उद्वेग 04:05, 16 सितम्बर–05:33, 16 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
15 सितम्बर 2027 को कौन सी तिथि है?
15 सितम्बर 2027 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 04:33, 16 सितम्बर बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
15 सितम्बर 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
शतभिषा नक्षत्र 11:33 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
15 सितम्बर 2027 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 11:41 से 13:13 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
15 सितम्बर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:33 बजे और सूर्यास्त 17:50 बजे है।