भाई दूज
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:30–05:18
दिन 06:06–17:45 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:30–05:18 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:32–12:19 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 23:22–01:00, 1 नवम्बर 1 घं 38 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:18–17:45 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 11:55–13:23 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 14:50–16:18 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:12–16:58 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 13:35–15:13 1 घं 38 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 06:06–07:33
- चल 07:33–09:00
- लाभ 09:00–10:28
- अमृत 10:28–11:55
- काल 11:55–13:23
- शुभ 13:23–14:50
- रोग 14:50–16:18
- उद्वेग 16:18–17:45
रात
- शुभ 17:45–19:18
- अमृत 19:18–20:50
- चल 20:50–22:23
- रोग 22:23–23:56
- काल 23:56–01:28, 1 नवम्बर
- लाभ 01:28, 1 नवम्बर–03:01, 1 नवम्बर
- उद्वेग 03:01, 1 नवम्बर–04:33, 1 नवम्बर
- शुभ 04:33, 1 नवम्बर–06:06, 1 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
31 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?
31 अक्टूबर 2027 को शुक्ल द्वितीया है, जो 17:13 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
31 अक्टूबर 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
विशाखा नक्षत्र 09:31 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
31 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 16:18 से 17:45 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
31 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:06 बजे और सूर्यास्त 17:45 बजे है।