धनु संक्रांति
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:38–05:26
दिन 06:14–17:09 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:38–05:26 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:20–12:03 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:02–08:29 1 घं 27 मि 01:17, 17 दिसम्बर–02:44, 17 दिसम्बर 1 घं 28 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:03–14:25 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 06:14–07:36 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 08:58–10:20 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:52–10:36 44 मिनट 14:14–14:58 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 16:31–17:59 1 घं 28 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:14–07:36
- रोग 07:36–08:58
- उद्वेग 08:58–10:20
- चल 10:20–11:42
- लाभ 11:42–13:03
- अमृत 13:03–14:25
- काल 14:25–15:47
- शुभ 15:47–17:09
रात
- अमृत 17:09–18:47
- चल 18:47–20:25
- रोग 20:25–22:04
- काल 22:04–23:42
- लाभ 23:42–01:20, 17 दिसम्बर
- उद्वेग 01:20, 17 दिसम्बर–02:58, 17 दिसम्बर
- शुभ 02:58, 17 दिसम्बर–04:36, 17 दिसम्बर
- अमृत 04:36, 17 दिसम्बर–06:15, 17 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 दिसम्बर 2027 को कौन सी तिथि है?
16 दिसम्बर 2027 को कृष्ण तृतीया है, जो 13:22 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
16 दिसम्बर 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 09:13 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
16 दिसम्बर 2027 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 13:03 से 14:25 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 दिसम्बर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:14 बजे और सूर्यास्त 17:09 बजे है।