एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:29–06:17
दिन 07:05–17:30 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:29–06:17 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:57–12:38 42 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 15:26–17:03 1 घं 37 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:36–14:54 1 घं 18 मि
- यमगण्ड
- 07:05–08:23 1 घं 18 मि
- गुलिक काल
- 09:41–11:00 1 घं 18 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:34–11:15 42 मिनट 14:43–15:25 42 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 06:01, 24 दिसम्बर–07:39, 24 दिसम्बर 1 घं 38 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 07:05–08:23
- रोग 08:23–09:41
- उद्वेग 09:41–11:00
- चल 11:00–12:18
- लाभ 12:18–13:36
- अमृत 13:36–14:54
- काल 14:54–16:12
- शुभ 16:12–17:30
रात
- अमृत 17:30–19:12
- चल 19:12–20:54
- रोग 20:54–22:36
- काल 22:36–00:18, 24 दिसम्बर
- लाभ 00:18, 24 दिसम्बर–02:00, 24 दिसम्बर
- उद्वेग 02:00, 24 दिसम्बर–03:42, 24 दिसम्बर
- शुभ 03:42, 24 दिसम्बर–05:24, 24 दिसम्बर
- अमृत 05:24, 24 दिसम्बर–07:06, 24 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 दिसम्बर 2027 को कौन सी तिथि है?
23 दिसम्बर 2027 को कृष्ण एकादशी है, जो 23:12 बजे तक रहती है। (मथुरा)
23 दिसम्बर 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 00:17, 24 दिसम्बर बजे तक रहता है। (मथुरा)
23 दिसम्बर 2027 को राहु काल कब है?
मथुरा में राहु काल 13:36 से 14:54 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 दिसम्बर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
मथुरा में सूर्योदय 07:05 बजे और सूर्यास्त 17:30 बजे है।