सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:03–05:51
दिन 06:39–17:44 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:03–05:51 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:49–12:34 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:39–09:19 1 घं 40 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:49–12:12 1 घं 23 मि
- यमगण्ड
- 14:58–16:21 1 घं 23 मि
- गुलिक काल
- 08:02–09:25 1 घं 23 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:52–09:37 44 मिनट 12:34–13:18 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:47, 5 फ़रवरी–02:24, 5 फ़रवरी 1 घं 37 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:39–08:02
- लाभ 08:02–09:25
- अमृत 09:25–10:49
- काल 10:49–12:12
- शुभ 12:12–13:35
- रोग 13:35–14:58
- उद्वेग 14:58–16:21
- चल 16:21–17:44
रात
- रोग 17:44–19:21
- काल 19:21–20:58
- लाभ 20:58–22:34
- उद्वेग 22:34–00:11, 5 फ़रवरी
- शुभ 00:11, 5 फ़रवरी–01:48, 5 फ़रवरी
- अमृत 01:48, 5 फ़रवरी–03:25, 5 फ़रवरी
- चल 03:25, 5 फ़रवरी–05:02, 5 फ़रवरी
- रोग 05:02, 5 फ़रवरी–06:39, 5 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 फ़रवरी 2028 को कौन सी तिथि है?
4 फ़रवरी 2028 को शुक्ल अष्टमी है, जो 12:47 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
4 फ़रवरी 2028 को नक्षत्र कौन सा है?
भरणी नक्षत्र 12:39 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
4 फ़रवरी 2028 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 10:49 से 12:12 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 फ़रवरी 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:39 बजे और सूर्यास्त 17:44 बजे है।